अवलोकन

राज्य के आर्थिक विकास में एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन विभाग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उत्तर प्रदेश में औद्योगीकरण की स्थिरता को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित कर रही है, जिससे कि उद्योग विकास की ओर खासतौर पर ध्यान दिया जा सके।

  • एम.एस.एम.ई. क्षेत्र में 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष विकास दर सुनिश्चित करना
  • आगामी 5 वर्षों में प्रदेश के निर्यात को दोगुना करना
  • बुन्देलखण्ड एवं पूर्वांचल क्षेत्रों में एम.एस.एम.ई. इकाईयाँ स्थापित कर अधिकाधिक रोजगार सृजन
  • निर्यात अवस्थापना विकास योजना, क्लस्टर विकास योजना एवं उच्चीकृत तकनीकी उन्नयन योजना के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर में गुणात्मक विकास
  • पारम्परिक हस्तशिल्प का प्रोत्साहन एवं संरक्षण
  • एमएसएमई एवं हस्तशिल्प की इकाईयों के उत्पादों का ई-कामर्स पोर्टल, बायर-सेलर-मीट के माध्यम से विपणन
  • टेक्सटाईल/अपैरल पार्क /तकनीकी उन्नयन/वित्तपोषण/ अन्तर्राष्ट्रीय विपणन के माध्यम से वस्त्रोद्योग क्षेत्र का समेकित विकास
  • जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्रों का आधुनिकीकरण
  • उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के स्तर पर तकनीकी सेल का गठन तथा क्षमता अभिवृद्धि